यूरोप इस समय भीषण हीटवेव से जूझ रहा है, जिसमें तापमान ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लगभग 19 करोड़ लोग रविवार को 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान की चपेट में आए। इस गर्मी से अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत की खबर है। डेनमार्क, स्विट्जरलैंड और चेक गणराज्य जैसे देशों में असामान्य रूप से उच्च तापमान दर्ज किया गया है। अत्यधिक गर्मी के कारण कई जगहों पर सड़कें पिघलने और बुनियादी ढांचे के प्रभावित होने की घटनाएं सामने आई हैं। रेल सेवाओं में भी बाधाएं उत्पन्न हुई हैं और कई ट्रेनों की गति कम करनी पड़ी है। नदियों के सूखने से बिजली उत्पादन और कृषि पर गंभीर असर पड़ा है। गर्मी से राहत पाने की कोशिश में कई लोगों के डूबने की भी दुखद घटनाएं हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन इस तरह की चरम मौसम स्थितियों को बढ़ा रहा है। पहले जो हीटवेव दुर्लभ मानी जाती थीं, वे अब लगभग हर साल देखने को मिल रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और अधिक समय धूप में न रहने की सलाह दी है। कई देशों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है।
Source: Source