मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन के नामांकन खारिज होने के मामले में चुनाव आयोग जल्द कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर सकता है। कांग्रेस ने इस फैसले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पार्टी का आरोप है कि नामांकन को अंतिम समय में खारिज कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह निर्णय निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। नामांकन खारिज करने के पीछे तेलंगाना से जुड़े एक मामले की जानकारी छिपाने का कारण बताया गया है। कांग्रेस का कहना है कि यह आधार उचित नहीं है और मामले की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए। पार्टी ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप कर न्यायसंगत निर्णय लेने की मांग की है। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने नामांकन खारिज होने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कांग्रेस को आत्ममंथन करने की सलाह दी है। इस मुद्दे ने राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। दोनों प्रमुख दल इस मामले को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। अब चुनाव आयोग की सुनवाई और उसके बाद की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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