केरल की उपभोक्ता आयोग ने बैंक ऑफ इंडिया को सेवा में कमी के मामले में मुआवजा देने का आदेश दिया है। मामला एक मृत महिला की बचत राशि उसके बुजुर्ग पति को जारी करने में हुई देरी से जुड़ा है। आयोग के अनुसार बैंक की प्रक्रिया अनावश्यक रूप से जटिल और बोझिल थी। बैंक की ओर से ग्राहक को स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने की बात भी सामने आई। बैंक ने एक बिना हस्ताक्षर वाले आवेदन को लेकर अपना बचाव पेश किया था। हालांकि बैंक इस दलील को पर्याप्त रूप से साबित नहीं कर सका। आयोग ने माना कि बैंक की कार्रवाई के कारण बुजुर्ग व्यक्ति को आर्थिक परेशानी हुई। मामले में उन्हें मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ा। उपभोक्ता आयोग ने बैंक को सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार माना। आयोग ने बैंक को बुजुर्ग व्यक्ति को ₹15 हजार का भुगतान करने का निर्देश दिया। यह आदेश बैंक की सेवा प्रक्रिया और ग्राहक को स्पष्ट जानकारी देने से जुड़े मामले में आया है।
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