मिस्र में हुए एक हवाई अभ्यास के दौरान चीनी J-16 लड़ाकू विमानों का सामना भारतीय Rafale विमानों से हुआ। इस अभ्यास ने भारतीय वायुसेना को चीनी विमानों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने का अवसर दिया। Rafale में लगे उन्नत SPECTRA सिस्टम ने चीनी रडार सिग्नेचर दर्ज किए। इन सिग्नेचर का भविष्य में विश्लेषण किया जा सकता है। इससे संभावित भविष्य के हवाई युद्ध परिदृश्यों के लिए भारत को उपयोगी डेटा मिला। विशेषज्ञों के अनुसार, यह जानकारी चीन के खिलाफ रणनीतिक तैयारी में मदद कर सकती है। हालांकि, इस अभ्यास के आधार पर भारतीय और चीनी विमानों की सीधी तुलना करना आसान नहीं है। दोनों पक्षों के हथियारों और सैन्य संचालन की रणनीतियों में अंतर है। अभ्यास के दौरान सामने आई क्षमताएं वास्तविक युद्ध की परिस्थितियों से अलग हो सकती हैं। वहीं, इस मुकाबले से चीन को भी भारतीय Rafale के बारे में कुछ जानकारी मिलने की संभावना है। हालांकि, भारत की Rafale क्षमता का पूरा आकलन इस अभ्यास से करना चीन के लिए मुश्किल होगा। अभ्यास से मिले डेटा का विश्लेषण भारतीय वायुसेना की भविष्य की तैयारी में उपयोगी हो सकता है।
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