हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिंडारसी गांव में करीब साढ़े आठ साल पुराने तिहरे हत्याकांड और पशु लूट मामले में अदालत ने नौ आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस मामले में दो महिला आरोपियों बरखा और मथुरा को बरी कर दिया गया है। सभी नौ दोषी राजस्थान के दौसा, भरतपुर और जयपुर के रहने वाले हैं। अदालत ने दोषियों की सजा पर फैसला मंगलवार तक सुरक्षित रखा है। दोषियों में रामलाल, उसके भाई बत्री और फौरकिया, कमलेश, यादराम उर्फ बेरा, मुकेश, रमेश, हरकेश उर्फ राकेश और मीरा देवी शामिल हैं। पुलिस जांच के अनुसार, 21 मई 2018 की रात आरोपियों ने पिंडारसी गांव के बाहर रेलवे लाइन के पास बने भेड़ पालकों के डेरे पर हमला किया था। डेरे में वाल्मीकि समुदाय के लोग करीब 500 भेड़-बकरियां और अन्य मवेशी पालकर परिवार का गुजारा करते थे। हमलावरों ने 80 वर्षीय अर्जुन सिंह, 55 वर्षीय राजाराम और 30 वर्षीय संदीप को बंधक बनाकर उनके हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर टेप लगा दी। इसके बाद तीनों को लाठियों और डंडों से बेरहमी से पीटकर खेतों के पास एक गड्ढे में फेंक दिया गया। आरोपी करीब 400 भेड़ों को लूटकर ले जाने लगे, लेकिन रेलवे लाइन पार कराते समय जयपुर-कुरुक्षेत्र इंटरसिटी ट्रेन की चपेट में आने से 50 से 60 भेड़ों की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी बाकी भेड़ों को कुरुक्षेत्र-कैथल रोड पर खड़े एक ट्रक में भरकर ले गए। अगली सुबह रेलवे ट्रैक पर मृत और घायल भेड़ें देखकर ट्रेन चालक ने ट्रेन रोक दी, जिसके बाद घटना का पता चला। पुलिस और ग्रामीणों को तीनों भेड़ पालक गड्ढे में मिले, जहां अर्जुन सिंह और राजाराम की मौत हो चुकी थी, जबकि संदीप गंभीर रूप से घायल था। संदीप को पहले एलएनजेपी अस्पताल और फिर पीजीआई रेफर किया गया, लेकिन बाद में उसकी भी मौत हो गई। अदालत ने आरोपियों को लूट के दौरान हत्या के मामले में दोषी ठहराया है और अब उनकी सजा पर फैसला सुनाया जाएगा।
Source: Source