महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि शिक्षा भविष्य की सबसे मूल्यवान संपत्ति है। उन्होंने यह बात पुणे स्थित आईएसबी एंड एम के रजत जयंती दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कही। पाटिल ने छात्रों से ज्ञान, कौशल और नवाचार को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि शोध और नवाचार आधारित सीखने पर भी केंद्रित होनी चाहिए। मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में महाराष्ट्र की अग्रणी भूमिका का उल्लेख किया। उनके अनुसार नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक दुनिया की प्रमुख आर्थिक और सामाजिक शक्तियों में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पाटिल ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, अनुसंधान और उद्योगों के साथ सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने संस्थानों से रोजगारोन्मुख और नवाचार आधारित शिक्षा प्रदान करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आईएसबी एंड एम की उपलब्धियों की भी सराहना की। मंत्री ने संकेत दिया कि आवश्यक शैक्षणिक और बुनियादी ढांचा मानकों को पूरा करने के बाद संस्थान को निजी विश्वविद्यालय का दर्जा देने के प्रस्ताव पर सरकार सकारात्मक विचार कर रही है। उन्होंने छात्रों को देश के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
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