गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के जाड़ापदर स्थित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में सरकारी सहायता के उपयोग को लेकर सवाल उठे हैं। संस्थान को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत करोड़ों रुपये की मदद मिली थी। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 50 लाख रुपये की लागत से खरीदे गए उपकरण पिछले 10 वर्षों से बेकार पड़े हैं। इन उपकरणों का लंबे समय तक उपयोग नहीं होने से सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल पर सवाल खड़े हुए हैं। ITI का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर रोजगार के योग्य बनाना है। लेकिन उपकरणों के अनुपयोगी रहने से प्रशिक्षण व्यवस्था को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इस मामले ने संस्थान में उपलब्ध संसाधनों के रखरखाव और उपयोग की स्थिति पर ध्यान खींचा है। अब गरियाबंद जिले को केंद्रीय अनुदान मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अनुदान की राशि, उसके उपयोग की शर्तों और आवंटन की समयसीमा का विवरण नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पहले खरीदे गए उपकरणों का इस्तेमाल क्यों नहीं हो पाया। सरकारी सहायता से खरीदे गए संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना कौशल विकास संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण है। केंद्रीय अनुदान मिलने से जिले में औद्योगिक प्रशिक्षण सुविधाओं को बेहतर बनाने की उम्मीद है।
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