उदयपुर के शासकीय राजकुमार धीरज सिंह महाविद्यालय में महिला सुरक्षा और जागरूकता पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तहत किया गया। कार्यशाला में महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों, साइबर अपराधों से बचाव और महिला सशक्तिकरण पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य वंदना पांडेय ने की। जनभागीदारी अध्यक्ष राधेश्याम सिंह ठाकुर ने कहा कि महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी से ही विकास संभव है। उन्होंने शिक्षा को महिला सशक्तिकरण का आधार बताते हुए महिलाओं को स्वतंत्र निर्णय लेने के अधिक अवसर देने पर जोर दिया। जनभागीदारी सदस्य तपस्या सिंह ने ग्रामीण पृष्ठभूमि की महिलाओं की समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने सशक्तिकरण को महिलाओं की प्रगति का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उदयपुर थाने के उपनिरीक्षक भीखम लाल साहू ने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों, संवैधानिक अधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी के दुरुपयोग से बचने के उपाय भी बताए। विद्यार्थियों ने कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने जवाब दिया। प्राचार्य वंदना पांडेय ने मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग पर चिंता जताई और डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की।
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