बेंगलुरु में सड़क सुरक्षा को लेकर एक और दुखद हादसे ने चिंता बढ़ा दी है। मेधा आकाश हादसे में अपने घर से महज तीन किलोमीटर दूर थीं। यह घटना शहर की खराब सड़क व्यवस्था और सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है। बेंगलुरु में गड्ढों की समस्या दूर करने के लिए लगातार सड़क मरम्मत का काम होता है। हालांकि, यूटिलिटी और अन्य सेवाओं की मरम्मत के लिए सड़कों की बार-बार खुदाई की जाती है। खुदाई के बाद सड़कों की स्थिति दोबारा खराब होने से समस्या और गंभीर हो जाती है। इससे वाहन चालकों और रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए जोखिम बढ़ता है। सड़क मरम्मत और उपयोगिता कार्यों के बीच समन्वय की कमी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। बार-बार होने वाले निर्माण और मरम्मत कार्यों से सड़क सुरक्षा प्रभावित होती है। शहर में बेहतर योजना और जवाबदेही की जरूरत महसूस की जा रही है। हादसे ने सड़क रखरखाव की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञ स्तर पर सड़क सुरक्षा और रखरखाव के बेहतर समन्वय की मांग बढ़ रही है। नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान और प्रभावी निगरानी जरूरी है।
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