छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में जल संकट से निपटने के लिए एक बड़ा अभियान चल रहा है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिले में 334 इंजेक्शन वेल बनाए जा रहे हैं। पहली बार युक्तधारा पोर्टल और भुवन ऐप से फ्रैक्चर जोन की पहचान कर इन वेलों का निर्माण किया गया है। इन वेलों के माध्यम से बारिश के पानी को सीधे जमीन के अंदर पहुंचाकर भू-जल स्तर को बढ़ाया जाएगा। कलेक्टर ने जिले के 12 उद्योगों से भी इन वेलों के निर्माण में सहयोग करने की अपील की है। इसके अलावा नरेगा योजना के तहत मिनी पार्कुलेशन टैंक भी बनाए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि इस पहल से वर्षा का अधिकतम पानी संरक्षित होगा और भविष्य में जल संकट टल सकेगा। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इंजेक्शन वेल भू-जल रिचार्ज का एक अत्यधिक प्रभावी माध्यम है। यह जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए एक सार्थक कदम है।
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