केंद्र सरकार ने खांसी की दवाओं की बिक्री को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब कफ सिरप खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य होगी। सरकार ने इन्हें दशकों पुराने छूट प्रावधान से बाहर कर दिया है। इस फैसले के बाद सभी प्रकार के कफ सिरप नियमित नियामकीय निगरानी के दायरे में आ जाएंगे। हाल के वर्षों में दूषित कफ सिरप से जुड़े मामलों ने स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी थीं। इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। सरकार का उद्देश्य दवाओं के वितरण और बिक्री में अधिक जवाबदेही सुनिश्चित करना है। नए नियमों से दवा विक्रेताओं और निर्माताओं की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दवाओं के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिल सकती है। साथ ही मरीजों को उचित चिकित्सकीय सलाह के बाद ही दवा उपलब्ध होगी। सरकार का कहना है कि यह फैसला जनस्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है। नए प्रावधान लागू होने के बाद कफ सिरप की बिक्री और वितरण पर अधिक निगरानी रखी जाएगी।
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