टेलीग्राम के CEO पावेल ड्यूरोव ने NEET री-टेस्ट से पहले लगाए गए प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने से समस्याओं का समाधान नहीं होता। ड्यूरोव के अनुसार, ऐसे कदम गलत गतिविधियों को पूरी तरह रोकने में प्रभावी साबित नहीं होते। उन्होंने संकेत दिया कि तकनीकी प्रतिबंध अक्सर सीमित असर ही डालते हैं। उनका मानना है कि लोग वैकल्पिक तरीकों का इस्तेमाल कर लेते हैं। यह टिप्पणी NEET परीक्षा से जुड़े सुरक्षा और गोपनीयता उपायों के संदर्भ में सामने आई। ड्यूरोव ने प्रतिबंधों की उपयोगिता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि केवल बैन लगाने से मूल समस्या का समाधान नहीं होता। उनके बयान ने डिजिटल प्लेटफॉर्म और नियमन पर नई बहस छेड़ दी है। इस मुद्दे पर शिक्षा और तकनीक जगत की नजर बनी हुई है।
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