बालोद के अछोली गांव स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर विवाद सामने आया है। स्कूल में करीब तीन साल से अंग्रेजी और राजनीति विज्ञान के शिक्षक नहीं हैं। पढ़ाई प्रभावित होने के बाद शाला प्रबंधन समिति ने अपने स्तर पर दो निजी शिक्षक नियुक्त किए हैं। इन शिक्षकों के मानदेय के लिए 548 विद्यार्थियों से सालाना 400-400 रुपए लिए जा रहे हैं। इससे करीब 2.19 लाख रुपए जमा होने की उम्मीद है। पालकों ने सरकारी स्कूल में बच्चों से राशि लिए जाने की व्यवस्था पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि शिक्षकों की नियुक्ति और वेतन की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की है। कुछ अभिभावकों ने राशि लेने के बावजूद रसीद नहीं देने की शिकायत भी की है। समिति के अनुसार दोनों निजी शिक्षकों को छह-छह हजार रुपए मासिक मानदेय दिया जा रहा है। दस महीने में दोनों शिक्षकों पर करीब 1.20 लाख रुपए खर्च होने हैं। ऐसे में विद्यार्थियों से जुटाई गई राशि में करीब 99 हजार रुपए अतिरिक्त बचने की बात सामने आई है। पालक अब इस अतिरिक्त राशि के उपयोग का पूरा हिसाब मांग रहे हैं। समिति का कहना है कि यह अस्थायी व्यवस्था है और नियमित सरकारी शिक्षक मिलते ही निजी शिक्षकों को हटा दिया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जानकारी लेकर जांच और नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।
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