एक ग्राहक को ऑनलाइन ऑर्डर किए गए मोबाइल फोन के बजाय पैकेट में फेसवॉश मिला। ग्राहक ने इस मामले की शिकायत उपभोक्ता आयोग में की। शिकायत में ग्राहक ने गलत सामान की डिलीवरी को सेवा में कमी बताया। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने शिकायत से जुड़े तथ्यों पर विचार किया। आयोग ने ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ₹30 हजार का भुगतान करने का आदेश दिया। यह राशि ग्राहक को हुए नुकसान और परेशानी के लिए मुआवजे के तौर पर दी जानी है। मामले में गलत उत्पाद की डिलीवरी को लेकर संबंधित विक्रेता या सेवा प्रदाता की जिम्मेदारी तय की गई। उपभोक्ता आयोग ने ग्राहकों के अधिकारों और ई-कॉमर्स सेवाओं में जवाबदेही पर जोर दिया। आदेश के बाद संबंधित पक्ष को निर्धारित राशि का भुगतान करना होगा। यह मामला ऑनलाइन खरीदारी में उत्पाद की सही डिलीवरी सुनिश्चित करने की जरूरत को भी रेखांकित करता है। ग्राहकों को सामान प्राप्त करते समय पैकेज और उत्पाद की जांच करने की सलाह दी जाती है। उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में ग्राहक आयोग में शिकायत कर सकते हैं।
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