भोपाल में पकड़ी गई कथित फर्जी महिला IAS अधिकारी तृप्ति सिंह के मामले में पुलिस को अहम जानकारी मिली है। पूछताछ में कथित फर्जी नियुक्ति नेटवर्क से जुड़े नए खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार नकली जॉइनिंग लेटर तैयार करने के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल किया जाता था। इन दस्तावेजों को असली सरकारी कागजात जैसा दिखाने की कोशिश की जाती थी। मामले में कथित मास्टरमाइंड प्रखर को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब प्रखर से नेटवर्क और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामलों में पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे। कथित तौर पर फर्जी नियुक्ति पत्रों के जरिए लोगों को सरकारी पद मिलने का भरोसा दिलाया जाता था। पुलिस फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनके इस्तेमाल के तरीके की भी जांच कर रही है। मामले में डिजिटल साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों को जुटाया जा रहा है। तृप्ति सिंह की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क ने कितने लोगों को निशाना बनाया। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
Source: Source