फरीदाबाद नगर निगम में फाइनेंस कमेटी के गठन और सीनियर-डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर 14 महीने से गतिरोध बना हुआ है। अब तक दो बार चुनाव कराने की कोशिशें नाकाम रही हैं। भाजपा के दो गुट आमने-सामने हैं- एक गुट केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के साथ, दूसरा मंत्री विपुल गोयल और राजेश नागर के नेतृत्व में। पिछले साल अगस्त और इस साल अप्रैल में हुई बैठकों में सहमति नहीं बन पाई। एक बार तो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली को खाली हाथ लौटना पड़ा। सरकार ने अब मेयर प्रवीण बतरा जोशी और 46 पार्षदों को शोकॉज नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा है। सरकार का आरोप है कि कमेटी न बनने से करोड़ों के विकास कार्य अटके हैं। हालांकि केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर का दावा है कि विकास कार्य नहीं रुके हैं। मेयर ने कहा कि एक महीने के अंदर चुनाव करा दिए जाएंगे। फाइनेंस कमेटी नगर निगम की सबसे अहम स्थायी समिति है, जो बजट और बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी देती है। कमेटी के अभाव में मेयर के 10 करोड़ रुपये के विकास फंड का उपयोग नहीं हो पा रहा है। राजनीतिक गुटबाजी के कारण अब तक किसी भी पद के लिए उम्मीदवारों पर सहमति नहीं बन सकी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द चुनाव नहीं हुए तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गरमाया हुआ है।
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