अमेरिका की एक संघीय अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को बड़ा कानूनी झटका दिया है। अदालत ने करीब 1.8 अरब डॉलर (लगभग 15 हजार करोड़ रुपये) के एक विशेष फंड पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह फंड ट्रंप प्रशासन कथित सरकारी ‘वेपनाइजेशन’ (हथियारीकरण) के पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए बना रहा था। इस फंड का लाभ मुख्य रूप से 6 जनवरी 2021 को कैपिटल हिल पर हुए हमले के आरोपियों को दिया जाना था। ट्रंप प्रशासन का दावा था कि इन लोगों के खिलाफ पिछली सरकार द्वारा राजनीतिक रूप से प्रेरित मुकदमे चलाए गए थे। अदालत ने फंड के गठन को अनुचित बताते हुए तुरंत प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया। न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह के मुआवजे के लिए संसदीय मंजूरी जरूरी थी, जो नहीं ली गई। इस फैसले से ट्रंप की उन योजनाओं को झटका लगा है, जिनमें वे अपने समर्थकों को कानूनी सहायता और वित्तीय राहत देना चाहते थे। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस कदम को संविधान के खिलाफ बताते हुए अदालत के फैसले का स्वागत किया है। ट्रंप ने इस निर्णय की आलोचना करते हुए कहा है कि वे उच्च अदालत में इसके खिलाफ अपील करेंगे। यह फैसला कैपिटल हमले मामले में ट्रंप प्रशासन और न्यायपालिका के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। इस रोक से हजारों आरोपी अभी तक मुआवजे का इंतजार कर रहे थे, वे निराश हुए हैं। अदालत का आदेश तब तक लागू रहेगा जब तक मामले की पूरी सुनवाई नहीं हो जाती। यह घटना अमेरिकी राजनीति में नई बहस छेड़ने वाली है।
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