पश्चिम बंगाल की 43 वर्षीय सोंबरी मुदी करीब पांच साल बाद अपने परिवार से मिल गईं। वर्ष 2021 में गांव के मेले से लापता होने के बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला था। परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और प्रशासन से भी मदद मांगी, लेकिन सफलता नहीं मिली। समय बीतने के साथ परिवार ने उन्हें मृत मान लिया था। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या और भाषा की कठिनाई के कारण वह अमृतसर के एक कम्युनिटी होम में रह रही थीं। संस्था ने आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू की, जिससे उनके गांव का पता सामने आया। इसके बाद ट्रांसलेटर की मदद से काउंसिलिंग कर परिवार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई गई। पता सत्यापित होने के बाद संस्था ने सुरक्षित तरीके से उन्हें पश्चिम बंगाल भेजा। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पहले परिवार की पहचान कराई गई, जिसे देखकर परिजन भावुक हो गए। शुक्रवार को सोंबरी मुदी अपने परिवार से मिल गईं, जिससे वर्षों का बिछड़ाव समाप्त हो गया।
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