पुणे की अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में नेपाली चौकीदार को बरी कर दिया है। आरोपी को इस मामले में पांच साल तक जेल में रहना पड़ा था। अदालत ने सुनवाई के दौरान मौत को हत्या नहीं बल्कि दुर्घटना माना। अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ हत्या का आरोप साबित नहीं कर सका। अदालत के फैसले के बाद आरोपी को मामले से राहत मिल गई। पत्नी की मौत के बाद आरोपी पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामले की जांच के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया था। आरोपी ने आरोपों से इनकार किया था। अदालत ने उपलब्ध सबूतों और परिस्थितियों का आकलन किया। इसके बाद कोर्ट ने माना कि महिला की मौत दुर्घटनावश हुई थी। फैसले के तहत आरोपी को हत्या के आरोप से बरी कर दिया गया। पांच साल जेल में बिताने के बाद उसकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया।
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