पंजाब में संवैधानिक संस्थाओं और धार्मिक निकाय, विशेषकर श्री अकाल तख्त साहिब के अधिकार क्षेत्र को लेकर शुरू हुई बहस के बीच सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. जगमोहन सिंह राजू ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखा है। उन्होंने आग्रह किया है कि दोनों संस्थाओं के बीच किसी भी प्रकार के टकराव को टालने के लिए संवैधानिक विशेषज्ञों की राय ली जानी चाहिए। डॉ. राजू ने ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026’ के संदर्भ में विधायकों के विशेषाधिकारों और संवैधानिक कर्तव्यों का मुद्दा उठाया है। इसके साथ ही, उन्होंने अनुसूचित जाति आयोग द्वारा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को दिए गए धार्मिक सेवा के निर्देशों पर भी आपत्ति जताई है। डॉ. राजू का तर्क है कि जनप्रतिनिधियों को अपने विधायी कार्यों के लिए किसी गैर-संवैधानिक मंच पर जवाबदेह बनाना उचित नहीं है। उन्होंने चेताया है कि अधिकार क्षेत्र पर स्पष्टता न होने से सामाजिक विभाजन और संस्थागत गरिमा को नुकसान हो सकता है। राज्यपाल से इस मामले में कानूनी और संवैधानिक विशेषज्ञों की सहायता लेकर स्पष्ट मार्गदर्शन देने की अपील की गई है।
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