लुधियाना में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां का विरोध प्रदर्शन 12वें दिन भी जारी रहा। संगठन के महासचिव सौदागर सिंह घुडाणी ने किसानों की 13 मांगों को लेकर सरकार पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार मांगें मानने के बजाय नए बीज बिल लाने की तैयारी कर रही है। कृषि मंत्री के अनुसार बिल का उद्देश्य नकली और गुणवत्ताहीन बीजों पर रोक लगाना है। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध होंगे। किसान संगठनों ने इस दावे को किसानों के हितों के खिलाफ बताया है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि नए बीज बिल से खेती पर कॉरपोरेट कंपनियों का नियंत्रण बढ़ सकता है। उनका कहना है कि किसान अपने स्तर पर बीज बचाकर अगली फसल में इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इससे किसानों को कंपनियों से बीज खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। जिला उपाध्यक्ष मनोहर सिंह कलाहड़ ने किसान आईडी बनाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इसके जरिए किसानों को मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं को कम किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लैंड बैंक के माध्यम से किसानों की जमीनें कॉरपोरेट कंपनियों को देने की योजनाओं पर काम कर रही है। धरने को तीरथ सिंह तलवंडी, अजीत सिंह, लवली माजरी, मनजीत सिंह और धर्म सिंह ने भी संबोधित किया।
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