लुधियाना के सरकारी कॉलेज में लगने वाले पारंपरिक दशहरा मेले के ठेके को लेकर विवाद खड़ा हो गया। करीब 10 ठेकेदारों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर लगभग दो घंटे तक प्रदर्शन किया। ठेकेदारों का आरोप है कि प्रशासन पिछले तीन वर्षों से एक ही ठेकेदार को लाभ पहुंचा रहा है। उनका दावा है कि वे 30-30 लाख रुपए के डिमांड ड्राफ्ट लेकर सुबह 9 बजे से दस्तावेज जमा कराने के लिए पहुंचे थे। आरोप है कि एसडीएम कार्यालय ने उनके दस्तावेज लेने से इनकार कर दिया। ठेकेदारों ने दावा किया कि बाद में 97 लाख रुपए में भोला एंड कंपनी को ठेका दे दिया गया। विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद एसडीएम ने उनकी लिखित शिकायत और डिमांड ड्राफ्ट स्वीकार किए। प्रशासन ने डिप्टी कमिश्नर की मंजूरी के बाद दोबारा बोली कराने का भरोसा दिया। अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह 10 बजे पारदर्शी तरीके से नई बोली कराने की बात कही। भोला एंड कंपनी के मालिक वरिंदर कपूर भोला ने आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सभी उपस्थित लोगों के सामने 97 लाख रुपए की सबसे ऊंची बोली लगाकर ठेका हासिल किया। एसडीएम कुलदीप बावा ने बताया कि दस्तावेज जमा कराने की अंतिम समय सीमा 8 सितंबर दोपहर 3 बजे थी। उन्होंने कहा कि निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अब ठेकेदारों के पत्र और डीडी स्वीकार कर लिए गए हैं और बेस रेट 90 लाख रुपए रखा गया था।
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