धान खरीदी में हर साल बारदानों की कमी से किसानों को परेशानी होती है और खरीदी प्रक्रिया प्रभावित होती है। इस बार भी खरीदी की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि मांग के मुकाबले अब तक केवल 23 प्रतिशत नए बारदानों की आपूर्ति हुई है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से प्रस्तावित है, यानी प्रक्रिया शुरू होने में लगभग एक महीने का समय बचा है। जिले में अनुमानित 82 लाख क्विंटल धान की खरीदी के लिए 17,135 गठान यानी 85 लाख 67 हजार 500 नए बारदानों की मांग की गई है। इसके मुकाबले कोलकाता से अब तक केवल 3,961 गठान यानी 19 लाख 80 हजार 500 बारदाने पहुंचे हैं। इन बारदानों को जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) के गोदाम में रखा गया है, लेकिन अभी तक किसी भी खरीदी केंद्र में उनकी आपूर्ति नहीं हुई है। इस बार जिले में 17 नए केंद्रों पर पहली बार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी होने की बात कही जा रही है। नए केंद्र खुलने से किसानों की दूरी कम हो सकती है, लेकिन पर्याप्त बारदानों की उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है। डीएमओ टीके राठौर ने बताया कि बारदानों की आपूर्ति जारी है और खरीदी शुरू होने से पहले सभी केंद्रों तक इन्हें पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। जिला खाद्य अधिकारी सुधीर चंद्र गुरु के अनुसार, खरीदी की तैयारियों को लेकर बैठकें हो रही हैं, लेकिन शासन स्तर पर तारीख अभी तय नहीं हुई है। उपलब्धता और मांग के बीच करीब 65 लाख बारदानों का अंतर बताया जा रहा है। पिछले कई वर्षों से बारदानों की कमी के कारण किसानों को अपने निजी बारदानों में धान लाना पड़ता है। विभागीय अधिकारियों ने समय पर आपूर्ति का भरोसा दिया है, लेकिन इसकी वास्तविक स्थिति खरीदी शुरू होने पर ही स्पष्ट होगी। पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था नहीं होने पर किसानों को एक बार फिर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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