धमतरी में भाजपा ने संविधान हत्या दिवस और आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर प्रेसवार्ता आयोजित की। प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज ने 1975 के आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि उस दौरान मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे। न्यायपालिका और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाने के आरोप भी लगाए गए। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लागू की गई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित कर दी गई थी। बजाज के अनुसार कई पत्रकारों को जेल भेजा गया और मीडिया पर नियंत्रण रखा गया। उन्होंने विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया। इसमें जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और अन्य नेताओं के नाम शामिल थे। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों को जेलों में बंद किया गया या नजरबंद रखा गया। उन्होंने यह भी कहा कि नसबंदी अभियान के कारण करोड़ों लोग प्रभावित हुए। बजाज ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को प्रेरणादायक बताया और उनके योगदान को याद किया।
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