धमतरी की पहचान मानी जाने वाली नगर घड़ी एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह तकनीकी खराबी नहीं बल्कि भुगतान का विवाद है। छुईखदान से आए मैकेनिक नीलेश गुप्ता ने दावा किया है कि घड़ी ठीक करने के 6 महीने बाद भी उन्हें उनका मेहनताना नहीं मिला है। महापौर रामू रोहरा ने घड़ी चालू होने पर इनाम के तौर पर 21 हजार रुपये देने की घोषणा की थी, जो मैकेनिक को अब तक नहीं मिले हैं। मैकेनिक ने इनाम के अलावा अपनी मेहनत के 50 हजार रुपये की मांग की है और मामले की शिकायत कलेक्टर एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी दर्ज कराई है। दूसरी ओर, महापौर रामू रोहरा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इनाम की राशि का भुगतान पहले ही किया जा चुका है। महापौर ने पूरे मामले की जांच करवाने और दोषी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 25 हजार रुपये की मेहनताना राशि की फाइल मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजी गई है। करीब दो साल तक बंद रहने के बाद अब घड़ी सही समय तो बता रही है, लेकिन इसके सुधार कार्य से जुड़े लोगों को अभी तक अपने हक का इंतजार है।
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