महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने एक बिल्डर को दो खरीदारों की रकम वापस करने का आदेश दिया है। दोनों खरीदारों ने मिलकर 1.16 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। इसके बावजूद उन्हें फ्लैट नहीं मिल सके। प्राधिकरण ने पाया कि संबंधित परियोजना अधूरी थी। परियोजना का पंजीकरण भी बिना विस्तार के समाप्त हो गया था। इसके बाद RERA ने खरीदारों के पक्ष में आदेश जारी किया। बिल्डर को भुगतान की गई राशि वापस करने के निर्देश दिए गए। रकम के साथ लागू ब्याज भी देने का आदेश दिया गया है। प्राधिकरण ने परियोजना की अधूरी स्थिति को अपने फैसले में ध्यान में रखा। पंजीकरण की अवधि बढ़ाए बिना समाप्त होने के तथ्य को भी माना गया। इस मामले में दो खरीदारों को उनके भुगतान की वापसी का अधिकार दिया गया। RERA का आदेश परियोजना से जुड़े विवाद में खरीदारों को राहत देता है।
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