छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सड़क हादसे में एक प्रधान आरक्षक की मौत हो गई। संतराम मंडावी पुरूर थाना में तैनात थे। वह सोमवार को कलेक्ट्रेट में आदिवासी समाज के प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था ड्यूटी पर थे। देर शाम ड्यूटी खत्म कर वे पहले थाना पहुंचे और फिर बाइक से घर के लिए निकले। रास्ते में उन्होंने पत्नी को फोन कर कहा कि वह आधे घंटे में घर आ जाएंगे। रात करीब 10:20 बजे नेशनल हाईवे-30 पर बालोदगहन के पास एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में संतराम मंडावी के सिर और शरीर को गंभीर चोटें आईं। अधिक खून बहने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। कार चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। परिजन और उनके पुत्र देवेंद्र मंडावी घटनास्थल पर पहुंचे। 108 एम्बुलेंस से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरूर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के बेटे की शिकायत पर कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फरार चालक की तलाश की जा रही है। संतराम मंडावी जिले के कई थानों में सेवाएं दे चुके थे। उनके निधन से पुलिस विभाग में शोक की लहर है।
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