फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में हुई डेढ़ साल के मासूम आरव की जघन्य हत्या के मामले में अदालत ने त्वरित न्याय की मिसाल पेश की है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को मौत की सजा सुनाई है। इस मामले की जांच में पुलिस ने असाधारण तत्परता दिखाते हुए मात्र 6 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी थी। न्यायिक प्रक्रिया को गति देते हुए अदालत ने भी महज 40 दिनों के रिकॉर्ड समय में अपना फैसला सुना दिया। मासूम आरव की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। घटना के बाद से ही इलाके में गहरा आक्रोश था और लोग आरोपी के लिए कड़ी सजा की मांग कर रहे थे। अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद पूरी होती दिखी है। त्वरित सुनवाई और कठोर सजा ने समाज में एक कड़ा संदेश देने का काम किया है। कानून के जानकारों का मानना है कि यह फैसला उन मामलों में एक उदाहरण बनेगा जहां त्वरित न्याय की आवश्यकता होती है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने विशेष निगरानी रखी थी। कोर्ट के इस निर्णय का स्थानीय निवासियों ने स्वागत किया है।
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