चढ़ावा चोरी के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच में पता चला है कि चोरी की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा आरोपियों ने शेयर बाजार में निवेश किया था। इसके अलावा, कुछ धनराशि को ऊंचे ब्याज दर पर लोगों को ऋण के रूप में दिया गया था। पुलिस के अनुसार, इस अवैध कमाई को छुपाने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची गई थी। आरोपियों ने चोरी का पैसा अपने रिश्तेदारों और करीबी परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया। बाद में उस पैसे को वहां से वापस निकाल लिया गया ताकि लेनदेन के साक्ष्य को मिटाया जा सके और आय के स्रोतों को छिपाया जा सके। यह मामला इस बात का प्रमाण है कि अपराधी अपनी काली कमाई को वैध रूप देने के लिए किस हद तक जा सकते हैं। पुलिस अब उन सभी बैंक खातों की बारीकी से जांच कर रही है जिनमें यह पैसा भेजा गया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से भी पूछताछ शुरू कर दी है। सभी साक्ष्यों को जुटाने के बाद आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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