कुछ समय पहले तक डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू ईरान के खिलाफ एक साझा रणनीति पर काम कर रहे थे। दोनों का उद्देश्य ईरान की परमाणु गतिविधियों को सीमित करना और उसकी क्षेत्रीय ताकत को कम करना था। हालांकि हालिया घटनाक्रमों में दोनों के रुख में स्पष्ट बदलाव देखा गया है। युद्ध समाप्त होने के बाद वैश्विक परिस्थितियाँ तेजी से बदली हैं। ट्रंप ने ईरान के साथ एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। दूसरी ओर, नेतन्याहू इस समझौते से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। इस फैसले के बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद उभरकर सामने आए हैं। विशेषज्ञ इसे पश्चिम एशिया की बदलती रणनीतिक दिशा के रूप में देख रहे हैं। इस घटनाक्रम ने वैश्विक कूटनीति में नई बहस को जन्म दिया है।
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