भारत में बच्चों की तस्करी का एक संगठित और खतरनाक नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है। इस नेटवर्क में बच्चों की सप्लाई करने वाले, बिचौलिए और खरीदार सभी शामिल होते हैं। अलग-अलग राज्यों से बच्चों को अवैध रूप से दिल्ली लाया जाता है। इसके बाद उन्हें एक तय प्रणाली के तहत आगे बेचा या सौंपा जाता है। यह पूरा काम एक संगठित गिरोह के रूप में संचालित होता है। गोद लेने की इच्छा रखने वाले दंपतियों को इस नेटवर्क के जरिए चिन्हित किया जाता है। खास तौर पर वे पति-पत्नी जो संतान नहीं होने की समस्या से जूझ रहे होते हैं, उन्हें निशाना बनाया जाता है। उन्हें झूठे भरोसे और लालच के जरिए इस जाल में फंसाया जाता है। इस अवैध कारोबार में कई स्तरों पर लोग शामिल रहते हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां ऐसे नेटवर्क की लगातार जांच कर रही हैं। यह मामला देश में मानव तस्करी की गंभीर समस्या को उजागर करता है।
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