जोधपुर सत्र न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए कमलेश प्रजापति एनकाउंटर मामले में 24 पुलिसकर्मियों, जिनमें आईपीएस अधिकारी आनंद शर्मा भी शामिल हैं, के खिलाफ हत्या के आरोपों को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने निष्कर्ष में पाया कि एनकाउंटर के दौरान कमलेश प्रजापति अपनी कार से पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास कर रहा था, जिससे जान का खतरा पैदा हो गया था। न्यायालय ने माना कि पुलिस द्वारा की गई फायरिंग आत्मरक्षा में की गई एक आवश्यक कार्रवाई थी। इस फैसले के साथ ही कोर्ट ने इस घटना को फर्जी एनकाउंटर मानने से इनकार कर दिया और पुलिस की भूमिका को वैध ठहराया है। लंबे समय से चल रहे इस विवादास्पद मामले में पुलिस अधिकारियों को मिली यह बड़ी राहत कानूनी और प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुलिस टीम ने बचाव में कहा था कि उनके पास अपनी और जनता की सुरक्षा के लिए बल प्रयोग के अलावा कोई विकल्प नहीं था। अब न्यायालय के इस आदेश के बाद पुलिसकर्मियों के खिलाफ चल रहे हत्या के मामले को समाप्त कर दिया गया है। यह फैसला राज्य की पुलिस व्यवस्था और एनकाउंटर जैसे संवेदनशील मामलों में कानूनी प्रक्रिया की स्पष्टता को दर्शाता है।
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