जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GenAI) और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां भारत के आईटी सेक्टर की वृद्धि पर दबाव बनाए रख सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी बदलाव तेजी से पारंपरिक आईटी सेवाओं की मांग को प्रभावित कर रहे हैं। कंपनियों को नई एआई आधारित सेवाओं के अनुसार अपने मॉडल में बदलाव करना पड़ रहा है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय तनाव और नीतिगत अनिश्चितताएं भी उद्योग के लिए चुनौती बन रही हैं। इससे आईटी कंपनियों की आय वृद्धि दर धीमी हो सकती है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एआई आधारित अवसर नए विकास के रास्ते खोल सकते हैं। भारतीय आईटी कंपनियों को प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए नवाचार पर ध्यान देना होगा। वैश्विक बाजार में मांग में उतार-चढ़ाव का असर भी देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में सेक्टर को रणनीतिक बदलावों की जरूरत होगी। कुल मिलाकर, रिपोर्ट उद्योग के लिए मिश्रित लेकिन सतर्क दृष्टिकोण दर्शाती है।
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