पंजाब के थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की कमी का असर बिजली आपूर्ति पर दिखाई देने लगा है। जालंधर के इंडस्ट्रियल एरिया में रोजाना 10 से 11 घंटे तक बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। शुक्रवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे स्माल स्केल इंडस्ट्रियलिस्ट और रिहाइशी इलाकों के लोगों ने सोढल चौक पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के खिलाफ नारेबाजी की। जाम के कारण सोढल चौक पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों और कारोबारियों के अनुसार, पिछले करीब दो महीनों से बिजली व्यवस्था खराब बनी हुई है। उनका आरोप है कि शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक लगातार 10 से 11 घंटे के कट लगाए जा रहे हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से पेयजल व्यवस्था और लोगों की नींद भी प्रभावित हो रही है। भीषण गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद JE और XEN स्तर के अधिकारी समस्या का समाधान नहीं करते। अधिकारियों की ओर से पटियाला मुख्यालय से आदेश आने का हवाला दिया जाता है। कारोबारियों ने कहा कि बिजली के बिना फैक्ट्रियां और घरों का काम प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मुफ्त बिजली के दावों के बजाय 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बिजली मंत्री तरणप्रीत सिंह सौंद ने पांच दिन पहले कोयले की कमी के कारण राज्य में बिजली संकट की बात कही थी। मंत्री के अनुसार, देशभर में करीब 63 गीगावाट थर्मल पावर क्षमता कोयले की कमी से प्रभावित हुई है और कुछ निजी संयंत्रों के पास केवल 3 से 4 दिन का स्टॉक बचा है।
Source: Source