झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पटाखों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आवाज की अधिकतम सीमा 125 डेसीबल (dB(A)) निर्धारित की है। इस कदम का उद्देश्य पटाखों के शोर से होने वाले दुष्प्रभावों को कम करना है। निर्धारित सीमा का संबंध पटाखों से उत्पन्न ध्वनि के स्तर से है। ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस आदेश के लागू होने की तारीख, नियमों के विस्तृत प्रावधान और उल्लंघन पर होने वाली कार्रवाई का विवरण नहीं दिया गया है।
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