पंजाब के जालंधर में पठानकोट रोड हाईवे पर स्थित राओवाली गांव में इस बार पटाखा मार्केट लगाई जाएगी। यहां करीब 150 दुकानें बनाने की तैयारी चल रही है। दुकानदारों के लिए गांव में आठ एकड़ जगह उपलब्ध कराई गई है। एक दुकानदार के अनुसार, सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में करीब 80 हजार रुपये खर्च हुए हैं। दुकान तैयार करने से पहले ही लगभग डेढ़ लाख रुपये तक का खर्च आने का अनुमान है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार पटाखों के दाम पिछले साल की तुलना में करीब 10 प्रतिशत बढ़ गए हैं। उनका कहना है कि बढ़ी लागत के कारण कीमतें नहीं बढ़ाने पर खर्च निकालना मुश्किल होगा। दशहरे से दिवाली तक करीब 20 दिनों का कारोबार रहता है, जिसमें कर्मचारियों की सैलरी और अस्थायी दुकानें बनाने का खर्च भी शामिल है। पटाखा कारोबार में प्रतिस्पर्धा काफी अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने राजस्व के लिए 150 दुकानदारों को अनुमति देने की व्यवस्था की है और एक दुकान से करीब एक लाख रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है। पहले पटाखा दुकानें बलटर्न पार्क में लगती थीं, जहां शहर के लोगों के लिए पहुंचना आसान था। नई मार्केट शहर से बाहर होने के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम रहने की आशंका जताई जा रही है। मार्केट के पास पेट्रोल पंप, रिहायशी इलाके और प्लास्टिक सामान बनाने वाली फैक्ट्रियां भी मौजूद हैं। मार्केट के प्रवेश द्वार से करीब 20 मीटर की दूरी पर पेट्रोल पंप होने के बावजूद दुकानदार दुकानें तैयार कर रहे हैं। कुछ व्यापारियों को लाइसेंस मिल चुके हैं, जबकि अन्य के आवेदन की प्रक्रिया जारी है।
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