उत्तर प्रदेश के कानपुर में 1991 के कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। सीबीसीआईडी की करीब 35 साल लंबी जांच के बाद 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला महाराजपुर थाने से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि प्लॉट नहीं देने को लेकर हुए विवाद के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष ने झूठी लूट की कहानी तैयार की थी। इसी कथित साजिश के तहत 10 निर्दोष लोगों को जेल भेज दिया गया था। मामले में लंबे समय तक जांच चलती रही। अब सीबीसीआईडी की जांच के बाद पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है। एफआईआर दर्ज होने से पुराने मामले में जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होनी बाकी है। यह मामला पुलिस कार्रवाई में कथित अनियमितताओं और निर्दोष लोगों को फंसाए जाने के गंभीर आरोपों से जुड़ा है।
Source: Source