रोहतक की एक सरकारी शिक्षिका पर प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। शिक्षिका पर आरोप है कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित ‘कॉकक्रोच जनता पार्टी’ के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने गई थीं। सरकारी सेवा नियमों के उल्लंघन और बिना पूर्व अनुमति के राजनीतिक गतिविधियों या प्रदर्शन में हिस्सा लेने के कारण यह कदम उठाया गया है। निलंबन की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग और स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण संहिता का पालन करना अनिवार्य है। प्रदर्शन में शामिल होने की पुष्टि होने के बाद ही शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित किया गया है। विभाग अब इस पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच कर रहा है। शिक्षिका की अनुपस्थिति और उनकी गतिविधियों को लेकर विभाग ने पहले भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे। यह घटना अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए भी एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। वर्तमान में शिक्षिका का मुख्यालय निलंबन अवधि के दौरान निर्धारित कर दिया गया है। मामले से संबंधित सभी साक्ष्यों को रिकॉर्ड में लिया गया है ताकि भविष्य में स्पष्टीकरण के समय उपयोग किया जा सके। जांच के बाद ही आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
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