छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उज्बेकिस्तान की दो महिला नागरिकों से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत के आदेश के बाद दोनों महिलाओं की वतन वापसी का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह फैसला बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। कोर्ट ने कहा कि मामले से जुड़े सभी पक्ष महिलाओं को उनके देश भेजने के पक्ष में हैं। ऐसी स्थिति में मामले पर आगे विचार करने की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को डिपोर्टेशन प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। निर्णय के बाद प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। महिलाओं को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके देश भेजा जाएगा। कोर्ट ने मामले के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया है। आदेश के बाद संबंधित एजेंसियां आवश्यक समन्वय में जुट गई हैं। यह फैसला अंतरराष्ट्रीय नागरिकों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया के पालन को भी रेखांकित करता है। मामले का समाधान अब स्वदेश वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के साथ आगे बढ़ेगा।
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