गुरुग्राम के द वेस्टिन होटल में ‘पीस डॉग’ आलोका से मिलने के लिए पशु प्रेमियों और प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ी। ‘वॉक फॉर पीस’ द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में आलोका की शांति और धैर्य ने सभी का दिल जीत लिया। भारतीय नस्ल (परिया) का यह कुत्ता अब एक वैश्विक आइकन बन चुका है, जिसके इंस्टाग्राम पर 4.82 लाख फॉलोअर्स हैं। कोलकाता की सड़कों पर बेसहारा घूमने वाले आलोका का जीवन 2022 में तब बदला, जब वह बौद्ध भिक्षुओं के एक दल के साथ जुड़ गया। एक सड़क दुर्घटना में घायल होने के बावजूद उसने भिक्षुओं का साथ नहीं छोड़ा। उसकी अटूट निष्ठा से प्रभावित होकर भिक्षु पन्नाकारा ने उसे ‘आलोका’ (प्रकाश) नाम दिया और गोद ले लिया। अक्टूबर 2025 में टेक्सास से शुरू हुई अमेरिका की 3,700 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा के दौरान आलोका शांति का प्रतीक बनकर उभरा। गुरुग्राम में इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल आलोका से मिलवाना था, बल्कि बेसहारा पशुओं के प्रति समाज में दया और सह-अस्तित्व की भावना को बढ़ावा देना भी था।
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