गरियाबंद जिले से अंतरराज्यीय स्तर पर लापता हुई बालिकाओं के मामलों की अब प्रशासन गहन जांच करेगा। प्रशासन यह पता लगाएगा कि बालिकाएं किन परिस्थितियों में लापता हुईं और दूसरे राज्यों तक कैसे पहुंचीं। जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में कलेक्टर रणबीर शर्मा ने अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए। बैठक में अंतरराज्यीय स्तर पर लापता व्यक्तियों और बालिकाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 43 लापता बालिकाओं में से 38 को बरामद किया जा चुका है। वहीं, पांच नए गुमशुदगी के मामले भी सामने आए हैं। कलेक्टर ने सभी लंबित और नए मामलों में गुमशुदगी के वास्तविक कारणों का पता लगाने को कहा। जांच में बंधुआ मजदूरी, अपहरण, प्रेम-प्रसंग, अवैध मानव व्यापार और शोषण जैसे पहलुओं को शामिल करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए गए लोगों और बालिकाओं के शोषण की संभावनाओं की भी जांच करने को कहा। पुलिस और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से मामलों की पूरी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए। अवैध रूप से दूसरे राज्य ले जाने या शोषण में किसी की संलिप्तता मिलने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बच्चों को गुमशुदगी और असुरक्षित परिस्थितियों से बचाने के लिए स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता व काउंसलिंग गतिविधियां चलाने को कहा गया। किशोर-किशोरियों से संवाद कर उनकी समस्याएं समझने और उन्हें शिक्षा से जोड़े रखने पर भी जोर दिया गया। बच्चों को प्रलोभन या बहकावे में नहीं आने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए। बरामद बच्चों और लापता व्यक्तियों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता बताई गई।
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