बायोकॉन की फाउंडर किरण मजूमदार-शॉ ने बेंगलुरु की मौजूदा शहरी स्थिति पर कड़ी नाराज़गी जताई है। उन्होंने शहर की तुलना करते हुए कहा कि यह अब अपनी पुरानी ‘गार्डन सिटी’ की पहचान खोता जा रहा है। उन्होंने एक विजुअल साझा किया जिसमें वर्तमान कंक्रीट आधारित विकास और एक हरित, पैदल-हितैषी शहर की कल्पना की तुलना की गई। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई। कई यूजर्स ने शहर की बिगड़ती हालत के लिए खराब शहरी योजना को जिम्मेदार ठहराया। कुछ लोगों ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक जवाबदेही की कमी पर भी सवाल उठाए। नागरिकों का कहना है कि तेजी से हो रहे निर्माण ने हरियाली और खुली जगहों को प्रभावित किया है। बेंगलुरु की बढ़ती भीड़ और अव्यवस्थित विकास को लेकर चिंता जताई जा रही है। इस मुद्दे ने शहर के भविष्य को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित विकास और सख्त प्लानिंग की जरूरत है।
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