कर्नाटक की राजनीति में सत्ता परिवर्तन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपनी कैबिनेट के सभी सदस्यों को अहम ब्रेकफास्ट मीटिंग के लिए बुलाया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस मीटिंग के बाद सिद्धारमैया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। माना जा रहा है कि पार्टी के पुराने फॉर्मूले के तहत डीके शिवकुमार को नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, एक बड़ी अड़चन यह है कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत फिलहाल बेंगलुरु में मौजूद नहीं हैं। राज्यपाल के बिना इस्तीफा स्वीकार करने और नए सीएम को शपथ दिलाने की औपचारिकता अधूरी है। सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल कुछ दिनों के लिए बाहर गए हुए हैं, जिससे सत्ता हस्तांतरण में देरी हो सकती है। कांग्रेस आलाकमान ने सत्ता-बंटवारे के वादे को निभाने के लिए यह कदम उठाया है। सिद्धारमैया ने अपने दोनों कार्यकालों में पूरे पांच साल पूरे कर लिए हैं, जिसके बाद अब शिवकुमार की बारी है। ब्रेकफास्ट मीटिंग में मंत्रियों और विधायकों को स्थिति से अवगत कराया जाएगा। विपक्ष ने इस नाटक को कांग्रेस की आंतरिक कलह का परिणाम बताया है। फिलहाल, सभी की निगाहें ब्रेकफास्ट मीटिंग के फैसले और राज्यपाल की वापसी पर टिकी हैं। अगले कुछ घंटों में कर्नाटक की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ सकता है। हालांकि, अब तक सिद्धारमैया के इस्तीफे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Source: Source