करनाल के काछवा गांव में मनरेगा के तहत काम करने वाली महिलाओं ने मेट और एक पंचायत सदस्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिलाओं का कहना है कि उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और काम के बदले रिश्वत मांगी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिहाड़ी से 50 से 100 रुपए रोजाना वसूले जाते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे मनरेगा कार्य के अलावा निजी काम भी करवाए जाते हैं, जो योजना के नियमों के खिलाफ है। विरोध करने पर उन्हें काम से हटाने की धमकी दी जाती है। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि उन्होंने सरपंच से भी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वे करनाल में उपायुक्त (DC) से मिलने पहुंचीं और न्याय की गुहार लगाई। महिलाओं ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
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