एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता शनमुगम ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और विशेष रूप से पलानीस्वामी पर सीधा हमला बोला है। शनमुगम ने एक बयान में दावा किया कि पिछले चुनावों के दौरान पार्टी को मिली 31 सीटें पीएमके (पीएमके) द्वारा दी गई ‘खैरात’ के समान थीं। उन्होंने पलानीस्वामी की चुनावी रणनीतियों और गठबंधन निर्णयों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस बयान से पार्टी के भीतर आंतरिक कलह एक बार फिर सार्वजनिक हो गई है। शनमुगम के आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति है। माना जा रहा है कि यह बयान पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और भविष्य के गठबंधन के निर्णयों को लेकर पनप रहे असंतोष का परिणाम है। पलानीस्वामी गुट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस तल्खी से पार्टी में विभाजन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान एआईएडीएमके के लिए आगामी चुनावों से पहले एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। पार्टी के अन्य नेताओं ने इस पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। मामले के आगे बढ़ने की संभावना है।
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