भारत और वेनजुएला के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। वेनजुएला हाल के महीनों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। पश्चिम एशिया में आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के बीच भारत अपने तेल आयात स्रोतों में विविधता ला रहा है। दोनों देशों ने ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की है। वार्ताओं में अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम ऊर्जा परियोजनाओं पर सहयोग की संभावनाएं भी शामिल रहीं। वेनजुएला ने भारत को एक स्थिर और भरोसेमंद दीर्घकालिक साझेदार बताया। ऊर्जा के अलावा खनन, महत्वपूर्ण खनिज, दवा उद्योग और कृषि क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार हुआ। भारतीय कंपनियों के लिए वेनजुएला में निवेश के अवसरों का आकलन किया जा रहा है। दोनों देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों ने आर्थिक साझेदारी को व्यापक बनाने पर जोर दिया। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नए स्रोतों की तलाश में है। वेनजुएला के विशाल तेल भंडार इस रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। दोनों पक्ष व्यापार और निवेश संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के इच्छुक हैं। यह सहयोग वैश्विक ऊर्जा अनिश्चितताओं के बीच दोनों देशों के लिए लाभकारी माना जा रहा है।
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