भारत ने अमेरिकी प्रतिबंधों और वैश्विक दबाव के बावजूद रूस से कच्चे तेल का रिकॉर्ड आयात जारी रखा है। रिपोर्ट के अनुसार मई महीने में भारत ने रूस से लगभग 6.7 अरब डॉलर मूल्य का तेल आयात किया। यह आंकड़ा ऊर्जा सुरक्षा और किफायती आपूर्ति रणनीति को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपनी घरेलू मांग और आर्थिक हितों के अनुसार ऊर्जा स्रोतों का चयन कर रहा है। इस कदम से वैश्विक तेल बाजार में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत की तेल आयात नीति में रूस एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। हालांकि इस निर्णय पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और आलोचना भी हो रही है। सरकार का कहना है कि ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह रुझान आने वाले महीनों में भी जारी रह सकता है।
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