अमृतसर सिविल अस्पताल की इमारत के रंग-रोगन को लेकर पंजाब की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि ‘आप’ सरकार अस्पताल की विरासती पहचान को खत्म कर रही है। इमारत के पारंपरिक लाल-कत्थई रंग को बदलकर अब पीला और नीला कर दिया गया है। विरोधियों का कहना है कि यह रंग सत्तारूढ़ दल के झंडे से मेल खाते हैं। इसे सरकारी संस्थानों के राजनीतिकरण का प्रयास बताते हुए विपक्षी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। पूर्व विधायक जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि अस्पताल को शहीदों की याद में विरासत का रूप दिया गया था। भाजपा प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलिएवाल ने भी सरकार पर ऐतिहासिक पहचान से खिलवाड़ का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का मूल नानकशाही शैली वाला स्वरूप फिर से बहाल किया जाना चाहिए। विपक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि इमारत को पुराना विरासती लुक नहीं मिला तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। वहीं, ‘आप’ के नवनियुक्त जिला प्रधान सरबजोत सिंह धंजल ने मामले की जानकारी न होने की बात कही है। फिलहाल, इस विवाद ने राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों के राजनीतिक उपयोग पर बड़ी बहस छेड़ दी है।
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