रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला कॉरिडोर परियोजना में एक बड़े मुआवजे घोटाले का मामला सामने आया है। इस कथित घोटाले की शिकायत लेकर धमतरी के करीब 100 किसान रायपुर स्थित ईओडब्ल्यू (EOW) कार्यालय पहुंचे। किसानों ने आरोप लगाया है कि भू-माफिया और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह धांधली की गई है। परियोजना की गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग कर जमीन के मूल 19 खसरों को 88 टुकड़ों में विभाजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य हेक्टेयर के बजाय वर्गमीटर के आधार पर मुआवजा राशि वसूलना था। इस हेराफेरी से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुँचाने का आरोप है। किसानों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि मुआवजे की राशि को कई गुना बढ़ाने के लिए दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की गई। ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने किसानों से विस्तृत शिकायत पत्र प्राप्त कर जांच का आश्वासन दिया है। यह घोटाला सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार की एक गंभीर तस्वीर पेश करता है। प्रभावित किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
Source: Source