बैकुंठपुर का अमृतधारा जलप्रपात एमसीबी जिले का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग प्राकृतिक सुंदरता देखने आते हैं। 30 मई की सुबह कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के नेतृत्व में जलप्रपात परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत आसपास फैले कचरे को एकत्रित कर फेंक दिया गया। हालांकि, जलप्रपात के पास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी ने ध्यान नहीं दिया। न तो कोई रेलिंग थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड। उसी दिन शाम को अचानक एक युवक करीब 90 फीट की ऊंचाई से नीचे गहरे पानी में कूद गया। उसकी यह हरकत देखकर आसपास मौजूद लोग सन्न रह गए। तेज चोट लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना उसी दिन हुई जब सुबह प्रशासन ने सफाई करवाई थी, लेकिन सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। हादसे की खबर फैलते ही रविवार को प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। तब जाकर चेतावनी बोर्ड लगाया गया, हालांकि तब तक एक युवक की जान जा चुकी थी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पहले से ही सुरक्षा दीवार या चेतावनी बोर्ड लगा दिए जाते तो यह हादसा नहीं होता। परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा की अनदेखी का दर्दनाक उदाहरण बन गई है।
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